बुधवार को रात 10:37 बजे दिल्ली के एमएमसीए एरिना में WPL 2026 का पहला मेगा ऑक्शन समाप्त हुआ — और इस बार कुछ ऐसा हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। दीप्ति शर्मा को यूपी वॉरियर्स ने अपना राइट टू मैच (RTM) इस्तेमाल करके ₹3.20 करोड़ में वापस ले लिया — ये रकम उन्हें स्मृति मंधाना के बाद भारतीय महिला क्रिकेटर्स में दूसरा सबसे ऊँचा वेतन बना देती है। लेकिन जब ऑक्शन का पहला नाम अलिसा हीली घोषित हुआ, तो चारों ओर से चुप्पी छा गई। कोई बोली नहीं लगी। कोई हाथ नहीं उठा। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान, विकेटकीपर-बल्लेबाज, और दुनिया की सबसे खतरनाक टी-20 खिलाड़ी... बिना बिकी।
ऑक्शन का दिल धड़कता रहा — दिल्ली कैपिटल्स की जंग
जब मेग लैनिंग का नाम आया, तो दिल्ली कैपिटल्स और यूपी वॉरियर्स के बीच बोली एक युद्ध बन गई। लैनिंग को ₹1.90 करोड़ में यूपी ने खरीदा, लेकिन दिल्ली ने अपनी बोली खत्म नहीं की। उन्होंने फिर चरणी को ₹1.30 करोड़, लॉरा वोल्वार्ड्ट को ₹1.10 करोड़, चिनेल हेनरी को फिर से ₹1.30 करोड़, और स्नेह राणा को ₹50 लाख में अपनी टीम में शामिल किया। ये सब एक ही रात में। दिल्ली ने बस एक टीम नहीं बनाई — एक सेना तैयार कर ली।
मुंबई इंडियंस का बड़ा बदशगुन
जब नैट स्किवर-ब्रुंट का नाम आया, तो सब जानते थे कि कोई भी टीम उन्हें छोड़ नहीं सकती। और वाकई — मुंबई इंडियंस ने ₹3.5 करोड़ खर्च करके उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। ये रकम WPL के इतिहास में अब तक की सबसे ज्यादा बोली है। और फिर उन्होंने हरमनप्रीत कौर को ₹2.5 करोड़ में भी रखा। दोनों खिलाड़ियों ने पिछले सीज़न में ऑरेंज कैप और पर्पल कैप जीते थे। अब वो एक ही टीम में। ये बस एक टीम नहीं, एक विजय की योजना है।
गुजरात जायंट्स और सोफी डिवाइन
गुजरात जायंट्स ने अपना सबसे बड़ा खर्च सोफी डिवाइन पर किया — ₹2 करोड़। न्यूजीलैंड की इस ऑलराउंडर ने पिछले सीज़न में अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी से टीम को बचाया था। उनका नाम आते ही सभी टीमों ने ध्यान दिया। लेकिन गुजरात ने बिना देर किए बोली लगा दी। ये एक ऐसा खिलाड़ी है जो एक ही मैच में टीम का रास्ता बदल सकता है।
अलिसा हीली का बेकार होना — क्या हुआ?
सबसे अजीब घटना? अलिसा हीली। ऑक्शन का पहला नाम। ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तान। विकेटकीपर जिसने 2023 वर्ल्ड कप में 148 रन बनाए थे। फिर भी — कोई नहीं बोला। न तो मुंबई, न दिल्ली, न गुजरात, न यूपी। यहाँ तक कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर भी चुप रहे। क्या उनकी आकांक्षाएँ अब बहुत ऊँची हो गई हैं? या फिर कोई टीम उनकी फिटनेस को लेकर चिंतित है? या फिर ये सिर्फ एक गलती है? दरअसल, उनकी जगह लेने वाली अन्य विकेटकीपर्स — जैसे चरणी और लॉरा — बहुत ही कम बोली लगाकर आ गईं। ये एक ऐसा संकेत है जिसे टीमें अगले सीज़न तक नहीं भूल सकतीं।
रिटेंशन और RTM: टीमों का नया हथियार
ये पहला मेगा ऑक्शन था, लेकिन RTM का इस्तेमाल नहीं। यूपी वॉरियर्स ने दीप्ति शर्मा को बचाने के लिए इसका इस्तेमाल किया। ये नियम बहुत जरूरी है — टीमें अपने अहम खिलाड़ियों को बचा सकती हैं, बिना उन्हें बोली में लड़ने के। लेकिन ये नियम अब बहुत ज्यादा अतिरिक्त नहीं है। ये अब टीमों की रणनीति का एक हिस्सा है। अगर कोई टीम अपने खिलाड़ी को बचाना चाहती है, तो उसे अब एक बड़ी रकम देनी पड़ सकती है। दीप्ति के बाद, क्या अगली बार हरमनप्रीत कौर के लिए भी RTM का इस्तेमाल होगा?
पिछले सीज़न के आंकड़े: कौन था सबसे खतरनाक?
WPL की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, पिछले सीज़न में नैट स्किवर-ब्रुंट ने 523 रन बनाए — ऑरेंज कैप। एमिलिया केर ने 18 विकेट लिए — पर्पल कैप। टीमों ने 38 अर्धशतक लगाए। 1992 रन पावरप्ले में। 2147 रन अंतिम 5 ओवर में। और भारत की जोशिथा वी जे ने 129.6 किमी/घंटा की गेंद फेंकी — टूर्नामेंट की सबसे तेज गेंद। ये सब आंकड़े बताते हैं कि WPL केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है जहाँ महिला क्रिकेट दुनिया के सबसे बड़े खिलाड़ियों को अपनी शक्ति दिखाने का मौका मिलता है।
अगला कदम: WPL 2026 का शुरुआती मुकाबला
अब टीमें तैयार हैं। शुरुआत 2026 के शुरुआती महीनों में होगी। पहला मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स बनाम मुंबई इंडियंस होगा। फिर मुंबई इंडियंस बनाम गुजरात जायंट्स। यूपी और रॉयल चैलेंजर्स का मुकाबला भी बहुत बड़ा होगा। अगर ये सब टीमें अपने खिलाड़ियों को सही तरीके से इस्तेमाल करती हैं, तो WPL 2026 अब तक का सबसे रोमांचक सीज़न बन सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दीप्ति शर्मा को ₹3.2 करोड़ क्यों मिला?
दीप्ति शर्मा को यूपी वॉरियर्स ने RTM के जरिए रखा क्योंकि वह टीम की बहुमुखी ऑलराउंडर हैं — बल्लेबाजी में निरंतरता, गेंदबाजी में नियंत्रण, और फील्डिंग में जुनून। उन्होंने पिछले दो सीज़न में टीम के लिए 300+ रन और 15+ विकेट दिए। ये रकम उनकी अनुभव और टीम के लिए अहम भूमिका को दर्शाती है।
अलिसा हीली क्यों नहीं बिकी?
अलिसा हीली के न बिकने के पीछे कई कारण हो सकते हैं — उनकी फिटनेस को लेकर संदेह, या फिर टीमों को लगा कि उनके लिए ₹2.5 करोड़ से ज्यादा खर्च करना बहुत ज्यादा होगा। इससे पहले भी कई बड़े खिलाड़ी ऑक्शन में बिना बिके, जैसे जेमी रॉडरिग्ज़ 2024 में। लेकिन अब ये एक बड़ा संकेत है कि टीमें बस नाम नहीं, बल्कि फिटनेस और फॉर्म को भी देख रही हैं।
WPL 2026 में कौन सी टीम जीत सकती है?
मुंबई इंडियंस के पास नैट स्किवर-ब्रुंट और हरमनप्रीत कौर जैसे दो टॉप खिलाड़ी हैं, जो पिछले सीज़न में ऑरेंज और पर्पल कैप जीत चुके हैं। दिल्ली कैपिटल्स के पास एक बहुत बड़ा बैटिंग लाइनअप है। लेकिन यूपी वॉरियर्स के पास दीप्ति शर्मा, मेग लैनिंग और शिखा पांडे का कॉम्बिनेशन है — ये एक बहुत ही संतुलित टीम है। जीत का फैसला टीम के सामरिक निर्णयों पर निर्भर करेगा।
RTM का नियम क्या है और इसका असर क्या है?
RTM (Right to Match) का नियम यह है कि टीम अपने पिछले सीज़न के खिलाड़ी को बोली लगाने के बाद उसी रकम पर रख सकती है। ये टीमों को अपने अहम खिलाड़ियों को बचाने का मौका देता है। लेकिन इसका असर यह है कि बोली अब अधिक तनावपूर्ण हो गई है — एक टीम की बोली दूसरी टीम को अपना खिलाड़ी खोने के लिए मजबूर कर सकती है।
WPL 2026 के लिए कौन से खिलाड़ी नए हैं?
मेग लैनिंग, लॉरा वोल्वार्ड्ट, चिनेल हेनरी और चरणी जैसे खिलाड़ी पिछले सीज़न में नहीं खेले थे। इनमें से कई ने अपने देशों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। उदाहरण के लिए, लॉरा वोल्वार्ड्ट ने 2025 वर्ल्ड कप क्वालीफायर में 4 अर्धशतक लगाए। ये नए खिलाड़ी WPL को नए रंग देंगे।
WPL का भविष्य क्या है?
WPL अब सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि महिला क्रिकेट के लिए एक नया मानक बन रहा है। इस सीज़न के बाद टीमों को अपने स्टार खिलाड़ियों को बरकरार रखने के लिए और ज्यादा रकम देनी पड़ सकती है। यह भारत में महिला क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है — जहाँ खिलाड़ियों को सम्मान और आर्थिक सुरक्षा मिल रही है।